जीवन है जीने का नाम संसार में कर्त्तव्य निभाना और फिर संसार के प्रति कोई कामना नहीं रखकर अपने जीवन को जीना ,बस ये जीवन का ढंग सही है. कामनायें रखोगे समस्यायें खडी होंगी ! बेटा बडा होगा मेरी सेवा करेगा , ऐसी कामना रखोगे और यदि फिर सेवा नहीं होगी तब दुःख होगा 1 अगर सेवा होगी भी तो जितनी आप चाहते हैं ,उतनी नहीं होगी तब भी दुःख होगा, मतलब यह् है कि जब कामनायें पाली जाती हैं तो वह फिर दुख देती हैं ! जब जब इंसान कामनाओं में कुछ पाने की इच्छा में ज्यादा से ज्यादा अनुर्क्त हो जाताहै तब बंधन आता है, दुःख मिलता है !
Vishwa Jagriti Mission, Singapore
Respect
5 years ago

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