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Thursday, April 17, 2008

Happy Home

Happy Home

Whenever you go back from work keep your head cool, face smilling and speech mellowed with sweetness and return home with same disposition. There will be peace and happiness in your home.

from Jeevan Sanchetna (English)Inaugural Issue

Vishwa Jagriuti Mission


Wednesday, April 16, 2008

तुम प्रकाश हो


तुम प्रकाश हो ! तुम्हारी शक्ति अप्रतिम है ! लेकिन तुम अपनी शक्ति को भूल गये हो ! पिता परमात्मा ने तुम्हें ज्योतिरूप में इस जगत में भेजा है ! तुम्हें अपने हिस्से का प्रकाश फैलाना है! जहाँ भी रहो उस स्थान को प्रकाशित करते रहो!
धर्मदूत मार्च २००८

Tuesday, April 1, 2008

हर परिस्थिति में प्रसन्न रहो

जीवन में हर परिस्थिति में प्रसन्न रहने का स्वभाव बनाओ !
प्रसन्न रहने के लिए कुच्छ चीजों का पालन करना चाहिए !
१-ऐसे न कमाओ की पाप हो जाए ,
-ऐसे कार्यों में न उलझो की चिंता का जन्म हो जाए,
३-ऐसे न खर्च करना की कर्ज हो जाए ,
४-ऐसे मदमस्त होकर न खाना की मर्ज हो जाए ,
५-ऐसी वाणी न बोलना की क्लेश हो जाए ,
६-संसार की उबड़ खाबड़ राहों में ऐसे लड़खड़ाकर न चलना की देर हो जाए
प्रसन रहने के लिए यह महत्वपूर्ण संदेश है !
धर्मदूत जनवरी २००८


prasann rahane ke lie yah mahatvpuurN he !

गुरू जी का संदेश

गुरूजी का संदेश

कभी धुंधला मत होने दो --- अगर आप सच्चे भक्त हें तो--

भक्ति की
लगन को !--------- दुष्टता को लालाकारो !

उत्थान की अगन को !------ सज्जनता को सत्कारो !


आनंद के चमन को !-------- परमात्मा की पुकार !


सदज्ञान के गगन को ! ------सद्ज्ञान की धारा !


धर्मदूत जनवरी २००८ से

Vishwa Jagruti Mission Publications

Guru Param Pujya Sudhanshu Ji Maharaj