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Wednesday, June 19, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] No.1617 आज का गुरु संदेश 19-6-2013



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/19
Subject: [AMRIT VANI ] No.1617 आज का गुरु संदेश 19-6-2013
To: mggarga@gmail.com


सत्संग की महिम अपरम्पार


हरिओम 
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No.1617 आज का गुरु संदेश 19-6-2013


सत्संग की महिम अपरम्पार है। कैसी भी विषम परिस्थितियों मे उनके संपूर्ण समाधानों के प्रशस्त पथ का एक नाम है सत्संग है। परम तत्त्व के चिंतन का नाम ही सत्संग है। सत्संग से नव-जीवन मिलता है, विचारो का शुद्धिकरण सत्संग से ही होता है। सज्जन,श्रेष्ट सतगुरु, महात्मा, ऋषि-मुनियों एवं सद्ग्रत्न्तथो के संग को भी सत्संग कहा जाता है।

गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/19/2013 04:18:00 PM

Saturday, June 15, 2013

Fwd: [AMRIT VANI ] जब भगवान की कृपा



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/13
Subject: [AMRIT VANI ] जब भगवान की कृपा
To: mggarga@gmail.com


हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 1 3 -6 -1 3 
जब भगवान की कृपा होती है तो वह बिना मांगे ही जितनी आपको जरूरत होती है उतना दे देते है आपका काम नहीं रुकता !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/13/2013 11:03:00 AM

Wednesday, June 12, 2013

Fwd: [jigyasa aur samadhan] मुझे क्रोध बहुत आता हे



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/12
Subject: [jigyasa aur samadhan] मुझे क्रोध बहुत आता हे
To: mggarga@gmail.com


मुझे क्रोध बहुत आता हे


प्रश्न :-मुझे क्रोध बहुत आता हे !क्रोध की स्थिति में कुछ भी कर डालता हूँ जो कई बार बहुत हानिकारक भी होता है ! में क्या करूँ कैसे अपने क्रोध को रोकूँ? 
गुरूदेव :-आप पहले तो एकांत में बैठकर यह विचार करें कि आपको क्रोध आता ही क्यों है !सामान्यत: व्यक्ति जो सोचता है वह नहीं हो पाए ,स्वार्थ सिद्धि  में बाधा आए , अथवा परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो जाए तो क्रोध आता है ! हानि  से बचने के लिए आवश्यक यह है कि जब भी क्रोध आए , लम्बी गहरी श्वास लें और क्रोध के विषय से स्वंय को दूर ले जाए और प्रतिकार को २४ घंटे के लिए टाल दें !मन में अपने गुरु का ध्यान और मन्त्र जाप शुरू कर दें !बाद में एकांत में विचार करें इस स्थिति के लिए में कहाँ तक दोषी हूँ !


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to jigyasa aur samadhan at 6/12/2013 05:02:00 PM

Fwd: [AMRIT VANI ] आज का जीवन सूत्र 12-6-2013



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From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2013/6/12
Subject: [AMRIT VANI ] आज का जीवन सूत्र 12-6-2013
To: mggarga@gmail.com




हरिओम 
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आज का जीवन सूत्र 12-6-2013

  • शान्ति के समान कोई तप नहीं हे !

  • • संतोष से बढ्कर कोई सुख नहीं हे !

  • • तृष्णा से बढकर कोई व्याधि नहीं हे !

  • • दया के समान कोई धर्म नहीं हे !

  • • सत्य जीवन हे और असत्य मृत्यु हे !

  • • घृणा करनी हे तो अपने दोषों से करो !

  • • लोभ करना हे तो प्रभू के स्मरण का करो !

  • • बैर करना हे तो अपने दुराचारों से करो !

  • • दूर रहना हे तो बुरे संग से रहो !

  • • मोह करना हो तो परमात्मा से करो !

  • • पुज्य सुधान्शुजी महाराज


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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to AMRIT VANI at 6/12/2013 04:49:00 PM