adsense code

Saturday, August 19, 2017

कितना संग्रह

कितना संग्रह कर लिया – इसकी कोई कीमत नहीं। कितने आनंद से कोई जी लिया, इसकी कीमत है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

प्रतीक्षा में

प्रतीक्षा में व्यर्थ जाने वाले समय के सदुपयोग का विकल्प अवश्य अपने पास रखिए।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Saturday, August 5, 2017

दुनिया के

दुनिया के जंजालो से बचते रहो, इनमे फंसना मुर्खता है और इनसे बचना समझदारी है।

Wednesday, August 2, 2017

अपनी प्रतिष्टा

  • अपनी प्रतिष्टा को भूलकर ,अकिंचन बनकर गुरू के दर  दर पर सेवा करने से जो प्राप्ति होगी ,उसकी कोई बराबरी नहीं !
  • सुधान्शुजी जी महाराज